सोचा था की वो मेरी ज़िन्दगी है
प्यारा सा ख्वाब और बंदगी है
ये सोचकर उसपे सब कुछ लुटाया है, और
वो पूछते है की तू मेरी क्या लगती है
सोचा था की वो मेरी ज़िन्दगी है
प्यारा सा ख्वाब और बंदगी है
ये सोचकर उसपे सब कुछ लुटाया है, और
वो पूछते है की तू मेरी क्या लगती है
0 comments:
Post a Comment